Pinjre Mein Loktantra | Girdhari Mahato | Hindi Poetry Collection
₹250.00₹225.00
पिंजरे में लोकतंत्र" एक प्रभावशाली हिंदी कविता संग्रह है, जो समकालीन समाज, लोकतंत्र, राजनीति, सामाजिक असमानता, युवाओं की सोच और आम नागरिक की भावनाओं को संवेदनशील एवं विचारोत्तेजक कविताओं के माध्यम से प्रस्तुत करता है।
इस संग्रह की प्रत्येक कविता केवल शब्दों का संयोजन नहीं, बल्कि समय से संवाद करने और व्यवस्था से प्रश्न पूछने का साहस है। कवि ने लोकतंत्र की बदलती तस्वीर, सामाजिक विसंगतियों, संघर्ष, आशाओं और मानवीय मूल्यों को गहरी संवेदनशीलता के साथ अभिव्यक्त किया है।
यह पुस्तक उन पाठकों के लिए है जो कविता को केवल पढ़ना नहीं, बल्कि महसूस करना और उसके माध्यम से समाज को नए दृष्टिकोण से समझना चाहते हैं। सरल भाषा, प्रभावशाली अभिव्यक्ति और गहन चिंतन इस संग्रह को समकालीन हिंदी साहित्य में विशिष्ट स्थान प्रदान करते हैं।
यदि आप सामाजिक सरोकारों, लोकतांत्रिक मूल्यों और विचारप्रधान हिंदी कविता के पाठक हैं, तो "पिंजरे में लोकतंत्र" आपके पुस्तक संग्रह का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती है।
गिरधारी महतो झारखंड के युवा कवि, लेखक एवं सामाजिक चिंतक हैं। लेखन के प्रति उनका लगाव छात्र जीवन से ही रहा है। समाज की वास्तविकताओं को गहराई से समझना और उन्हें सहज, प्रभावशाली तथा संवेदनशील भाषा में प्रस्तुत करना उनकी लेखनी की प्रमुख विशेषता है।
उनकी रचनाएँ सामाजिक न्याय, लोकतंत्र, मानवीय मूल्यों, युवा चेतना और परिवर्तन की आकांक्षा को केंद्र में रखती हैं। "पिंजरे में लोकतंत्र" उनका एक महत्वपूर्ण कविता संग्रह है, जो पाठकों को सोचने, प्रश्न करने और समाज को नए दृष्टिकोण से देखने के लिए प्रेरित करता है।

Vichar Prakashan
Explore our sleek website template for seamless navigation.
Contact US
Newsletter
editor@vicharprakashan.com
contact@vicharprakashan.com
8818848681,7509621374
© 2024. All rights reserved.Vichar Prakashan
