
Maun Sita Ki Ramayan: Kuch Ankahi Kuch Ansuni | Pragati Bachhawat| Hindi Poetry Collection
मौन सीता की रामायण: कुछ अनकही कुछ अनसुनी | रामायण के पात्रों के जीवन मूल्यों पर आधारित संवेदनशील काव्य संग्रह
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क्या रामायण केवल युद्ध, विजय और त्याग की कथा है?
या इसके भीतर छुपी हैं अनगिनत मानवीय संवेदनाएँ, मौन पीड़ाएँ और जीवन मूल्य?
"मौन सीता की रामायण — कुछ अनकही कुछ अनसुनी" एक संवेदनशील काव्य संग्रह है, जिसमें रामायण के परिचित पात्रों को एक नए दृष्टिकोण से देखने का प्रयास किया गया है।
इन कविताओं में सीता, राम, लक्ष्मण, उर्मिला, भरत, कैकेयी, रावण और अन्य पात्रों के जीवन के उन पहलुओं को स्वर दिया गया है, जो अक्सर मुख्य कथा के पीछे छूट जाते हैं।
यह पुस्तक केवल पौराणिक प्रसंगों का पुनर्लेखन नहीं, बल्कि मानव मन, रिश्तों, कर्तव्य, प्रेम, त्याग, संघर्ष और आत्मसम्मान की यात्रा है।
लेखिका प्रगति बच्छावत ने अपनी कविताओं के माध्यम से यह प्रश्न उठाया है कि — क्या हम पात्रों को केवल आदर्शों के रूप में देखते हैं या उनके भीतर छुपे मनुष्य को भी समझते हैं?
यह संग्रह उन पाठकों के लिए है जो:
रामायण को एक नए नजरिए से पढ़ना चाहते हैं
हिंदी कविता और साहित्य में रुचि रखते हैं
भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों को समझना चाहते हैं
पौराणिक कथाओं के आधुनिक पुनर्पाठ को पसंद करते हैं
एक ऐसी काव्य यात्रा, जहाँ मौन पात्रों को अपनी आवाज़ मिलती है।

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