
"चरितम" (Charitam) By Dr Vivek Dwivedi
A Compelling Literary Work by Dr. Vivek Dwivedi
₹350.00₹299.00
Dive into 'Charitra,' an evocative and thought-provoking book by Dr. Vivek Dwivedi. This literary masterpiece explores complex characters and profound themes, offering deep insights into human nature. Designed for lovers of contemporary literature and those seeking reflective, engaging narratives. With striking cover art and expert storytelling, this book is a must-have addition to your collection.
"देश, दुनिया और समाज को कोई क्या दे रहा है! अच्छा या बुरा जो भी, असल में वही उसका चरित्र है।"
क्या इंसान का चरित्र सिर्फ सफेद या काला होता है? या इसके बीच में छुपी होती है एक ऐसी धूसर (grey) स्थिति, जहां मजबूरी और स्वार्थ आपस में टकराते हैं?
'चरितम' सुप्रसिद्ध लेखक डॉ. विवेक द्विवेदी का एक ऐसा सम्मोहक और झकझोर देने वाला हिंदी उपन्यास है, जो मानव मन की सबसे गहरी परतों को उघाड़ता है। यह कहानी है समाज के उस ताने-बाने की, जहां अच्छाई की ओट में बुराई छिपी है।
इस उपन्यास में क्या खास है?
मानव संवेदनाओं का ताना-बाना: यह उपन्यास दिखाता है कि कैसे एक इंसान अपने फायदे के लिए इंसानियत, धर्म और कर्म तक को दांव पर लगा देता है।
रूढ़िवादी सोच पर प्रहार: यह कहानी जाति, धर्म और समाज के खोखले बंधनों से ऊपर उठकर 'प्रेम' की एक नई परिभाषा गढ़ती है।
नफ़रत और समर्पण का द्वंद्व: जहां एक तरफ समाज की कड़वाहट और नफ़रत है, वहीं दूसरी तरफ त्याग, गहरा समर्पण और खुद को साबित करने का संघर्ष है।
सच्चाई का आईना: क्या मैदान छोड़कर भाग जाना सिर्फ कायरता है या कभी-कभी यह एक इंसान की सबसे बड़ी मजबूरी होती है? राघव, बेनजीर, दंगा और सामाजिक उथल-पुथल के इर्द-गिर्द बुनी यह कहानी आपके दिल को छू जाएगी।
यदि आप गंभीर, वैचारिक और समाज को एक नए नजरिए से दिखाने वाले बेहतरीन हिंदी उपन्यासों (Hindi Literature & Novels) को पढ़ने के शौकीन हैं, तो 'चरितम' आपकी बुकशेल्फ़ में जरूर होनी चाहिए।

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